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भारतीय फर्में विकास के लिए दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर की ओर रुख करती हैं

Business Wire India
मध्यपूर्व, अफ्रीका और दक्षिण एशिया का अग्रणी वित्तीय केंद्र, दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (डीआईएफसी) भारतीय वित्तीय सेवा से संबद्ध कई फर्मों को आकर्षित कर रहा है। इस तरह, उनके लिए इसे पसंदीदा बनाया जा रहा है। इसकी पुनर्पुष्टि बुधवार, 17 मई को हुई जब एक विशेष आयोजन के दौरान डीआईएफसी ने भारत की सर्वोच्च स्तर की कंसलटेंसी फर्मों की मेजबानी की। इसका मकसद देश के साथ वित्तीय केंद्र के मजबूत संबंधों को और मजबूत करना था। 

भारत से डीआईएफसी के संबंध पहले से मजबूत हैं। 2007 में सिर्फ एक वित्तीय संस्थान की मेजबानी से बढ़ते हुए अब डीआईफसी में कई भारतीय फर्में हैं। डीआईएफसी की 2024 की रणनीति का लक्ष्य अभी और विकास करना है तथा यहां काम करने वाले ज्यादा भारतीय बैंकों, वित्तीय संस्थाओं और फर्मों को आकर्षित करने की इसकी महत्वाकांक्षी योजना है। 

भारतीय कारोबारों और वित्त में डीआईएफसी की मजबूत होती स्थिति का सबूत हाल की इनकी प्रगति है।

भारत के सबसे बड़े ऐसेट मैनेजर, यूटीआई इंटरनेशनल ने अभी हाल में डीआईएफसी में अपना नवीनतम फंड स्थापित किया है।

यूटीआई इंटरनेशनल के सीईओ प्रवीण जगवानी ने कहा, “हमने पाया कि डीआईएफसी एक व्यापक इकोसिस्टम की पेशकश करता है जिसकी आवश्यकता एक फलते-फूलते ऐसेट मैनेजमेंट कारोबार के लिए होती है। इसके अलावा यह विश्व स्तर का रेगुलेटर है और इसके पास ढेर सारे प्रशासक, लॉ फर्में, अकाउंटिंग फर्में और प्रतिभा की उपलब्धता है।”

मौजूदा मूल्य प्रोत्साहन इस तरह डिजाइन किए जाते हैं कि ज्यादा भारतीय और अन्य ऐसेट प्रबंधकों को इस क्षेत्र के सबसे बड़े फंड रीजिम दुबई के प्रति आकर्षित किए जा â€‹à¤¸à¤•ें।

भारत में हाल में घरेलू नियमों और भारत-मॉरीशस टैक्स संधि में किए गए परिवर्तन का मतलब है कि भारतीय ऐसेट मैनेजर वैकल्पिक फंड क्षेत्राधिकार चुन रहे हैं। डीआईएफसी का जीवंत इकोसिस्टम और कारोबार करने की सहूलियत को बेहतर करने के इसके प्रयास के साथ मिलकर योग्य निवेशक फंड व्यवस्था संभव कर रहा है और इसने भारतीय ऐसेट प्रबंधकों की अच्छी-खासी दिलचस्पी देखी है।

भारत में एचडीएफसी लाइफ और ऐक्सिस बैंक निजी क्षेत्र में तीसरा सबसे बड़ा है और ये भी उस केंद्र में अपना परिचालन मजबूत कर रहे हैं। डीआईएफसी में अग्रणी भारतीय बैंक, वित्तीय संस्थान, फंड मैनेजर   हैं। इनमें आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक, आईआईएफएल प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट, एलएंडटी कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड और आदित्य बिड़ला सन लाइफ ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड शामिल हैं।

डीआईएफसी ने हाल में दो अलग एमओयू भी साइन किए हैं। एक गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (जीआईएफटी), भारत का पहला फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर और दूसरा मुंबई मेट्रोपोलिटन रीजन डेवलपमेंटल अथॉरिटी (एमएमआरडीए) (Mumbai Metropolitan Region Developmental Authority)  है जो एक शहरी नगर योजना प्राधिकरण है जिसकी स्थापना महाराष्ट्र राज्य सरकार ने की है। दोनों ही एमओयू ज्ञान साझा करने और अंतरराष्ट्रीय सर्वश्रेष्ठ व्यवहार मुहैया कराते हैं।

यह सब दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध और सहयोग की पृष्ठभूमि में है और इसके साथ इस साल जनवरी में 14 विस्तृत प्रभाव वाले दविपक्षीय करार किए गए हैं।

डीआईएफसी अथॉरिटी में चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर, सलमान जैफ्फरी ने कहा : “हम एक ऐसे जमाने में रह रहे हैं जहां संयुक्त अरब अमीरात-भारत के संबंध तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। संयुक्त अरब अमीरात में 2.6 मिलियन भारतीय प्रवासी रह रहे हैं, 26,000 भारतीय फर्में हैं और 40,000 से ज्यादा संयुक्त अरब अमीरात आधार वाली फर्में हैं जिनका स्वामित्व अनिवासी भारतीय करते हैं। ऐसे में संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच संबंध पहले से मजबूत है।

“डीआईएफसी में भारतीय संस्थाएं अमेरिका और इंग्लैंड के बाद तीसरा सबसे बड़ा समाज हैं। भारतीय कारोबारों और संस्थाओं के लिए डीआईएफसी सबसे आदर्श मंच है क्योंकि यह राजनीतिक और वित्तीय स्थिरता, निवेशक अनुकूल  à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾, मजबूत नियमन और ऐसे विधि आधार की पेशकश करता है जिसमें अंग्रेजी साझा है। दक्षिण-दक्षिण कॉरीडोर में भारत के लिए डीआईएफसी एक महत्वपूर्ण लिंक है जो इस उपमहाद्वीप को अफ्रीका और मध्य एशिया से जोड़ता है। डीआईएफसी में कारोबार करना चाहने वाली भारतीय फर्मों के लिए  à¤µà¤¿à¤¶à¤¾à¤² है।”

गुजरे वर्षों में डीआईएफसी के उच्च स्तर के प्रतिनिधिमंडल ने भारत का दौरा किया है। इसके साथ-साथ चीन, यूरोप, इंग्लैंड, भारत, अफ्रीका और अमेरिका के साथ-साथ मध्य पूर्व के देशों का भी दौरा किया है और 100 से ज्यादा भिन्न आयोजनों में भागीदारी की है। इसके जरिए ज्ञान साझा करने का काम आगे बढ़ाया है और दुनिया भर में थॉट लीडरशिप का प्रदर्शन किया है।

**स्रोत : एमई न्यूजवायर

स्रोत रूपांतर businesswire.com पर देखें: https://www.businesswire.com/news/home/20170518005609/en/ 

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